राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के सहयोग से संचालित परियोजना के तहत उत्तरापथ सेवा संस्था, कमतोली, पिथौरागढ में आजादी का अमॄत महोत्सव को मनाते हुये देशभक्ति गीतों के साथ द्वितीय चरण में रिंगाल से बनी 3000 राखियाँ पैक कर सीमा पर सरहदों की सुरक्षा के लिए तैनात भारतीय सेना के जवानों के लिए शुभकामनाओं के साथ प्रेषित की गयी, साथ ही आजादी के इतिहास पर व्याख्यान भी दिया| भारतीय सेना के जवानों के लिए प्रथम चरण में 4000 द्वितीय चरण में 3000 रिंगाल से निर्मित राखियाँ भेजी गई.
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Last Update: 13.04.2026